यूपी रेरा ने छह जिलों में ₹4,100 करोड़ से अधिक की 12 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी मंजूरी -7,100 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का होग...
यूपी रेरा ने छह जिलों में ₹4,100 करोड़ से अधिक की 12 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी मंजूरी
-7,100 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का होगा निर्माण, निवेश के मामले में गौतमबुद्ध नगर सबसे आगे
अनवर हुसैन
लखनऊ / गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण ने वर्ष 2026 की शुरुआत में राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए 12 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल ₹4,100.18 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इन स्वीकृत परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के छह जिलों में कुल 7,147 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
इन परियोजनाओं को यूपी रेरा की 193वीं प्राधिकरण बैठक में मंजूरी दी गई, जो वर्ष 2026 की पहली प्राधिकरण बैठक भी थी। यह बैठक यूपी रेरा मुख्यालय में प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में लिए गए निर्णय राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर के पारदर्शी, योजनाबद्ध और समयबद्ध विकास के प्रति प्राधिकरण की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
स्वीकृत परियोजनाओं में आवासीय के साथ-साथ व्यावसायिक विकास भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य शहरी ढांचे को मजबूत करना, आवास की उपलब्धता बढ़ाना और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति देना है। यूपी रेरा ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि गृह खरीदारों के हितों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी परियोजनाओं में नियामकीय मानकों व तय समय-सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
छह जिलों में परियोजनाओं को मिली मंजूरी
निवेश के मामले में गौतमबुद्ध नगर जिला सबसे आगे रहा, जहां तीन परियोजनाओं को ₹2,460.59 करोड़ के अनुमानित निवेश के साथ मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं के अंतर्गत 1,937 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, जिससे यह जिला एक प्रमुख रियल एस्टेट और निवेश केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।
राज्य की राजधानी लखनऊ में पांच परियोजनाओं को ₹1,091.16 करोड़ के कुल निवेश के साथ स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से कुल 3,569 इकाइयों का विकास किया जाएगा, जिनमें 2,964 आवासीय यूनिट और 605 व्यावसायिक इकाई शामिल हैं। इससे लखनऊ में आवासीय जरूरतों के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मथुरा में एक आवासीय परियोजना को ₹300.81 करोड़ के निवेश के साथ मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 504 आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा। यह परियोजना क्षेत्र में सुव्यवस्थित आवासीय विकास में सहायक होगी।
इसी प्रकार आगरा में ₹201.91 करोड़ की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके अंतर्गत 949 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
वाराणसी में ₹36.92 करोड़ की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को स्वीकृति दी गई है, जिसमें 80 आवासीय इकाइयों का निर्माण प्रस्तावित है। वहीं झांसी में ₹8.79 करोड़ के निवेश वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 108 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
इन 12 स्वीकृत परियोजनाओं में प्रस्तावित ₹4,100.18 करोड़ के निवेश से निर्माण कार्य के दौरान और उसके बाद बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही निर्माण सामग्री, परिवहन, इंजीनियरिंग सेवाओं और अन्य सहायक क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सकारात्मक गति मिलेगी।
निवेशकों और गृह खरीदारों का भरोसा मजबूत
उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट निवेश में लगातार हो रही वृद्धि राज्य सरकार की सुधारोन्मुख नीतियों और यूपी रेरा की प्रभावी निगरानी का परिणाम है। सरल और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया, सख्त निगरानी व्यवस्था और पारदर्शी नियामकीय ढांचे ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और गृह खरीदारों को बेहतर सुरक्षा प्रदान की है।
अध्यक्ष का वक्तव्य
परियोजनाओं को मिली मंजूरी पर टिप्पणी करते हुए यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण की पारदर्शी और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया तथा सख्त नियामकीय निगरानी से राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दोहराया कि यूपी रेरा का मुख्य उद्देश्य गृह खरीदारों के हितों की रक्षा करना और परियोजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुसार समय पर पूरा कराना है। वर्ष 2026 की पहली प्राधिकरण बैठक में लिए गए ये निर्णय उत्तर प्रदेश में संतुलित और सतत रियल एस्टेट विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

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