यूपी रेरा के 30वें रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ लखनऊ / गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश भ...
यूपी रेरा के 30वें रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
लखनऊ / गौतमबुद्ध नगर
उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी-रेरा) द्वारा रियल एस्टेट एजेंटों को अधिक पेशेवर, सक्षम और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 30वें रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को एनआईईटी परिसर, ग्रेटर नोएडा में किया गया। यह चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 58 प्रतिभागी सम्मिलित हो रहे हैं, जो प्रमाणित एवं पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंट के रूप में कार्य करने के इच्छुक हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन यूपी-रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी द्वारा किया गया। इस अवसर पर यूपी-रेरा के सचिव श्री महेंद्र वर्मा तथा प्रमुख सलाहकार श्री अबरार अहमद ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से सहायक प्रोफेसर श्री ऋषि श्रीवास्तव की भी उपस्थिति रही।
अध्यक्ष का संबोधन
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यूपी-रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र की मजबूती और विश्वसनीयता तीन प्रमुख स्तंभों प्रमोटर, रियल एस्टेट एजेंट और रेरा पर आधारित है। इन तीनों के बीच प्रभावी समन्वय से ही उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा, पारदर्शिता और भरोसे को सुदृढ़ किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण एवं प्रमाणन की यह व्यवस्था प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को अधिक व्यवस्थित, जिम्मेदार और नियमों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। अध्यक्ष ने प्रतिभागियों को अपार्टमेंट ओनरशिप अधिनियम, संविदा अधिनियम तथा संपत्ति अंतरण अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानूनों का गहन अध्ययन करने तथा ग्राहकों को केवल सत्यापित और प्रामाणिक परियोजना संबंधी जानकारी ही उपलब्ध कराने की बात कही।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके पश्चात ही वे लाइसेंसधारी रियल एस्टेट एजेंट के रूप में पंजीकरण हेतु आवेदन करने के पात्र होंगे।
भूसरेड्डी ने कहा, “यूपी-रेरा का उद्देश्य केवल नियमों का अनुपालन कराना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक पारदर्शी, उत्तरदायी और भरोसेमंद रियल एस्टेट परिवेश का निर्माण करना है।”
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रमुख विषय
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिन रिकवरी अधिकारी श्री अंशुमान सिंह द्वारा “रेरा अधिनियम, यूपी-रेरा नियम एवं विनियम” विषय पर विस्तृत सत्र लिया गया। उन्होंने परियोजना पंजीकरण की प्रक्रिया तथा प्रमोटरों की जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से जानकारी दी। इसके उपरांत श्री राघवेंद्र द्वारा रियल एस्टेट एजेंटों के पंजीकरण, नवीनीकरण, निरस्तीकरण एवं दंडात्मक प्रावधानों पर सत्र लिया गया। साथ ही उनके द्वारा परियोजना खाते से संबंधित दिशा-निर्देश तथा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। चार दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसे उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित शुल्क जमा करने के उपरांत पंजीकरण प्रदान किया जाएगा।
एजेंट प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाने की पहल
अब तक लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा में 29 प्रशिक्षण बैच सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 2200 से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। 27वें बैच तक के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, जिनमें 1095 प्रतिभागी सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। यूपी-रेरा द्वारा एजेंट पंजीकरण से पूर्व प्रशिक्षण एवं प्रमाणन को अनिवार्य किया जाना, रियल एस्टेट क्षेत्र में पेशेवर मानकों को मजबूत करने और गृह खरीदारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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